मुंबई एयरपोर्ट पर टला बड़ा विमान हादसा, एक ही रनवे पर आमने-सामने आए दो प्लेन; ATC की सतर्कता और पायलट की सूझबूझ से बची सैकड़ों यात्रियों की जान

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ATC की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा खतरा

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार रात एक गंभीर विमान दुर्घटना होने से बाल-बाल बच गई। जानकारी के अनुसार, सिलीगुड़ी से मुंबई पहुंची एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट लैंडिंग के बाद अभी रनवे से पूरी तरह बाहर नहीं निकली थी। इसी दौरान दिल्ली के लिए रवाना होने वाली एयर इंडिया की दूसरी उड़ान ने उसी रनवे पर टेक-ऑफ की प्रक्रिया शुरू कर दी। स्थिति बेहद संवेदनशील बन गई, लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने समय रहते खतरे को पहचान लिया और तुरंत कार्रवाई करते हुए संभावित हादसे को टाल दिया।

पायलट ने तुरंत रोकी टेक-ऑफ प्रक्रिया

जैसे ही ATC ने देखा कि दोनों विमान एक ही रनवे पर मौजूद हैं, उन्होंने तुरंत टेक-ऑफ कर रहे विमान के पायलट से संपर्क कर उड़ान रोकने का निर्देश दिया। पायलट ने बिना देरी किए विमान की रफ्तार कम की और टेक-ऑफ बीच में ही रोक दिया। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से वापस पार्किंग बे की ओर ले जाया गया। इस त्वरित फैसले और समन्वय की वजह से एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी।

एयरलाइन ने दिया आधिकारिक बयान, जांच शुरू

घटना के बाद एयर इंडिया ने बयान जारी करते हुए बताया कि ATC के निर्देश मिलते ही क्रू ने सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया और विमान को सुरक्षित वापस ले जाया गया। एयरलाइन के अनुसार, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत विमान की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सके कि विमान उड़ान के लिए सुरक्षित है। साथ ही, प्रभावित यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था भी की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच रिपोर्ट का इंतजार

हालांकि इस घटना में किसी यात्री या विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन एक ही रनवे पर दो विमानों के पहुंचने की स्थिति ने एयरपोर्ट की संचालन व्यवस्था और समन्वय को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ऐसी स्थिति आखिर कैसे बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि ATC और पायलटों की सतर्कता ने समय रहते फैसला लेकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा जरूरी होगी।

Leave a Comment

और पढ़ें