नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन आज लोकसभा में बहुप्रतीक्षित एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा होने की संभावना है। सोमवार को विपक्ष के हंगामे के कारण इस विधेयक पर बहस नहीं हो सकी थी, लेकिन देर शाम सरकार और विपक्ष के बीच बनी सहमति के बाद अब आज सदन में इस पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है।
सरकार और विपक्ष ने बनाई अलग-अलग रणनीति
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने बिल का पक्ष मजबूती से रखने के लिए अपने सांसदों को जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं विपक्ष भी इस विधेयक को लेकर सरकार से कई सवाल पूछने की तैयारी में है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई वरिष्ठ नेता चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं। विपक्ष ने प्रस्तावित विधेयक में 93 संशोधन सुझाए हैं, जिन पर सदन में विस्तार से बहस हो सकती है।
सोमवार को हंगामे के बीच पेश हुआ था विधेयक
लोकसभा में सोमवार को विपक्ष के विरोध के बीच केंद्र सरकार ने एंटी पेपर लीक बिल पेश किया था। हालांकि लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी। सरकार को उम्मीद थी कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्र आंदोलन शांत होने के बाद संसद सामान्य रूप से चलेगी, लेकिन विपक्ष ने अन्य मुद्दों को लेकर विरोध जारी रखा।
प्रदर्शनकारी छात्रों के मुद्दे पर भी गरमाई राजनीति
विपक्ष का कहना है कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए। इसी मांग को लेकर विपक्ष ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में जोरदार विरोध दर्ज कराया। विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री अमित शाह इस पूरे मामले पर सदन में विस्तृत बयान दें।
आज कई घंटे चल सकती है चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष की पहल के बाद सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध कम हुआ है। ऐसे में आज एंटी पेपर लीक बिल पर 6 से 10 घंटे तक चर्चा होने की संभावना है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले दोनों पक्ष अलग-अलग बैठक कर अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। चर्चा के दौरान विपक्ष द्वारा सुझाए गए संशोधनों और सरकार के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार किया जा सकता है।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और संसदीय सूत्रों के आधार पर तैयार की गई है। सदन की कार्यवाही के दौरान स्थिति और निर्णयों में बदलाव संभव है।









