बिना अनुमति पेड़ों की कटाई पर NGT का सख्त रुख
वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) एक बार फिर पर्यावरण से जुड़े गंभीर मामले को लेकर चर्चा में है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने विश्वविद्यालय परिसर में कथित रूप से बिना अनुमति पेड़ों की कटाई के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) को पर्यावरणीय क्षति का आकलन कर लगभग 2.65 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने के निर्देश दिए हैं। अधिकरण ने इस पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा है।
जांच में 33 पेड़ों की कटाई की पुष्टि
मामले की जांच के लिए गठित संयुक्त समिति ने अपनी रिपोर्ट में परिसर के भीतर कुल 33 हरे-भरे पेड़ों की कटाई की पुष्टि की। रिपोर्ट के अनुसार कटे हुए पेड़ों में आम, गुलमोहर सहित कई अन्य प्रजातियों के वृक्ष शामिल थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन पेड़ों में सात चंदन के पेड़ भी थे, जिन्हें विशेष महत्व का माना जाता है। समिति ने माना कि संबंधित पेड़ों की कटाई के लिए आवश्यक अनुमति उपलब्ध नहीं थी।
चंदन के पेड़ों को लेकर उठे सवाल
विश्वविद्यालय की ओर से यह दलील दी गई कि चंदन के पेड़ों की चोरी हुई थी। हालांकि जांच समिति ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने सुरक्षित और निगरानी वाले परिसर से मूल्यवान चंदन के पेड़ों का गायब होना गंभीर मामला है। समिति का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम में जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है और संबंधित पक्षों से जवाब लिया जाना चाहिए।
छात्रों के विरोध के बाद शुरू हुई थी जांच
बताया जाता है कि कुछ वर्ष पहले परिसर में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद छात्रों ने इसका विरोध किया था। इसके बाद इस मामले को राष्ट्रीय हरित अधिकरण के समक्ष उठाया गया, जहां जांच के लिए संयुक्त समिति गठित की गई। समिति की रिपोर्ट के आधार पर अब NGT ने पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक दंड वसूलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण संदेश
इस मामले को पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक संस्थानों की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि किसी सरकारी या निजी संस्था द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए पेड़ों की कटाई की जाती है, तो पर्यावरणीय क्षति की भरपाई के लिए आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। NGT के इस कदम को पर्यावरण कानूनों के सख्त पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।










