इंदौर के किसान ने बंद कमरे में उगा दी लाखों की केसर, NASA की एयरोपॉनिक्स तकनीक और नियंत्रित माहौल से किया अनोखा कारनामा

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20 वर्ग फीट के कमरे को बनाया हाईटेक केसर फार्म

मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी अनिल जायसवाल ने पारंपरिक खेती से अलग हटकर एक अनोखा प्रयोग किया है। उन्होंने अपने घर की दूसरी मंजिल पर बने करीब 320 वर्ग फीट के बंद कमरे को हाईटेक केसर उत्पादन केंद्र में बदल दिया। बिना खेत और बिना मिट्टी के उन्होंने ऐसा वातावरण तैयार किया, जिसमें कश्मीरी केसर की सफल खेती संभव हो सकी। उनके इस प्रयोग की चर्चा अब प्रदेश ही नहीं, देशभर में हो रही है।

एयरोपॉनिक्स तकनीक से मिली सफलता

अनिल जायसवाल ने केसर उत्पादन के लिए एयरोपॉनिक्स (Aeroponics) तकनीक का उपयोग किया। इस तकनीक में पौधों को मिट्टी में नहीं लगाया जाता, बल्कि उनकी जड़ों को हवा में रखा जाता है और समय-समय पर पोषक तत्वों का घोल स्प्रे किया जाता है। इसके लिए उन्होंने कश्मीर के पंपोर क्षेत्र से केसर के कंद (Corms) मंगवाए और कमरे में तापमान, नमी तथा रोशनी को पूरी तरह नियंत्रित रखते हुए कश्मीरी मौसम जैसा वातावरण तैयार किया।

तकनीक के साथ आध्यात्मिक माहौल का भी प्रयोग

अनिल का कहना है कि तकनीकी व्यवस्था के अलावा उन्होंने पौधों के आसपास सकारात्मक वातावरण बनाए रखने का भी प्रयास किया। उनके अनुसार, रोजाना सुबह-शाम गायत्री मंत्र और पक्षियों की प्राकृतिक आवाजें चलाई जाती हैं ताकि पौधों को शांत और प्राकृतिक माहौल मिल सके। हालांकि इस तरीके के वैज्ञानिक प्रभाव को लेकर स्पष्ट शोध उपलब्ध नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि इससे खेती के वातावरण को बेहतर बनाने में मदद मिली।

नवाचार से खुल रहे नई खेती के रास्ते

अनिल जायसवाल का यह प्रयोग दिखाता है कि आधुनिक तकनीक और नियंत्रित वातावरण की मदद से सीमित जगह में भी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती की जा सकती है। यदि इस तरह की तकनीकों को सही योजना और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के साथ अपनाया जाए, तो भविष्य में शहरी क्षेत्रों में भी उन्नत कृषि के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। उनके इस प्रयास को आधुनिक कृषि नवाचार का एक प्रेरक उदाहरण माना जा रहा है।

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