अमेरिका में काम कर रहे हजारों भारतीय ट्रक ड्राइवरों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से एक नए प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है, जिसके तहत ट्रक ड्राइविंग सेक्टर में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। यदि यह योजना लागू होती है, तो अमेरिका में कार्यरत बड़ी संख्या में अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों की नौकरियों पर असर पड़ सकता है। खासतौर पर भारतीय समुदाय, जिसमें बड़ी संख्या पंजाब से जुड़े ट्रक ड्राइवरों की है, इस फैसले को लेकर चिंतित नजर आ रहा है।
पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता देने की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित योजना का उद्देश्य ट्रक ड्राइविंग क्षेत्र में अमेरिकी पूर्व सैनिकों (Veterans) को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशासन का मानना है कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और स्थानीय नागरिकों को रोजगार देने के लिए इस दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। इसी कारण अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों की जगह पूर्व सैनिकों को नियुक्त करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि अमेरिका में लगभग 1.5 लाख भारतीय ट्रक ड्राइवर विभिन्न राज्यों में माल परिवहन सेवाओं से जुड़े हुए हैं। यदि नई नीति लागू होती है, तो इन कर्मचारियों के रोजगार और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है। हालांकि, फिलहाल यह प्रस्ताव चर्चा के स्तर पर है और इसे लेकर अंतिम निर्णय या आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
भारतीय समुदाय और ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों का मानना है कि ट्रकिंग सेक्टर लंबे समय से कुशल ड्राइवरों की कमी का सामना कर रहा है। ऐसे में किसी भी नई नीति का असर केवल अप्रवासी कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि पूरे लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सेक्टर पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की निगाहें अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि यह योजना लागू होती है, तो इसका प्रभाव अमेरिका में कार्यरत भारतीय ट्रक ड्राइवरों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट उद्योग और रोजगार बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।










