चावल घोटाले की जांच में एसआईटी का बड़ा एक्शन
मध्य प्रदेश में कथित फोर्टिफाइड चावल घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन राइस मिल संचालकों और एक मिल प्रबंधक को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि सरकारी योजना के तहत एथनॉल उत्पादन के लिए आवंटित चावल के दुरुपयोग से जुड़े अहम साक्ष्य मिले हैं। इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है, जबकि कुछ अन्य संदिग्धों की तलाश अभी भी जारी है। जांच एजेंसी कई लोगों से पूछताछ कर रही है और आने वाले दिनों में और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
कैसे हुआ कथित घोटाला?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, सरकार द्वारा एथनॉल उत्पादन के लिए उपलब्ध कराया गया फोर्टिफाइड चावल निर्धारित उद्देश्य के बजाय कथित तौर पर निजी राइस मिलों तक पहुंचाया गया। आरोप है कि इस चावल का इस्तेमाल एथनॉल बनाने के बजाय दोबारा प्रोसेस कर सरकारी खरीद प्रणाली में शामिल करने की कोशिश की गई। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया और बड़ी मात्रा में सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग हुआ।
17 जिलों तक फैली जांच, कई दस्तावेज जब्त
एसआईटी की जांच अब कई जिलों तक पहुंच चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश के विभिन्न एथनॉल प्लांटों और राइस मिलों के बीच हुए लेन-देन की गहन पड़ताल की जा रही है। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर, भंडारण रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इन रिकॉर्ड्स के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पूछताछ में मिले नए संकेत, और गिरफ्तारियां संभव
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। एसआईटी दूसरे राज्यों में भी संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि नए साक्ष्य मिलते हैं, तो इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
फोर्टिफाइड चावल और एथनॉल नीति पर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद फोर्टिफाइड चावल के वितरण और एथनॉल उत्पादन से जुड़ी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोका जा सके। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे मामले की हर कड़ी की पड़ताल कर रही हैं और विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।










