नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) संदीप लांबा का नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार का आरोप लगने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
प्रदर्शन के दौरान सामने आए कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प दिखाई दे रही है। इन्हीं वीडियो में एक क्लिप को लेकर ADCP संदीप लांबा पर एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया। वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और विपक्षी दलों समेत कई सामाजिक संगठनों ने घटना की जांच की मांग उठाई। इसके बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई।
कौन हैं ADCP संदीप लांबा?
संदीप लांबा DANIPS (Delhi, Andaman and Nicobar Islands Police Service) के वर्ष 2011 बैच के अधिकारी हैं। यह सेवा गृह मंत्रालय के अधीन आती है और इसके अधिकारियों की नियुक्ति विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों में की जाती है। वर्तमान में वह दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-ईस्ट जिले में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) के पद पर तैनात हैं। अपने सेवा काल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कानून-व्यवस्था और जांच से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी निभाई है।
मिल चुका है गृह मंत्रालय का सम्मान
संदीप लांबा को वर्ष 2021 में उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए गृह मंत्रालय की ओर से Ministry of Home Affairs Excellence Award से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा वह दिल्ली में हुई हिंसा से जुड़े मामलों की जांच करने वाली विशेष टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं। हालांकि, जंतर-मंतर की हालिया घटना के बाद उनका नाम एक अलग वजह से सुर्खियों में है और पूरे मामले पर कानूनी तथा विभागीय स्तर पर कार्रवाई जारी है।










