पन्ना टाइगर रिजर्व में जांच के बाद शुरू हुई कार्रवाई
मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) के भीतर बनाए गए एक आलीशान होमस्टे को लेकर वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकायत मिलने के बाद हुई जांच में निर्माण कार्य, वन भूमि पर कथित अतिक्रमण और अन्य नियमों के उल्लंघन से जुड़े कई बिंदु सामने आए हैं। फिलहाल संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
शिकायत के बाद जांच में सामने आए कई तथ्य
जानकारी के अनुसार, यह मामला पन्ना टाइगर रिजर्व से लगे क्षेत्र की करीब पांच एकड़ जमीन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इको-सेंसिटिव जोन में बिना आवश्यक अनुमति के बड़े पैमाने पर निर्माण किया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि परिसर के आसपास वन भूमि पर कथित कब्जे और बिना अनुमति आरा मशीन संचालित किए जाने के संकेत मिले हैं। इन मामलों में वन अपराध के तहत प्रकरण भी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
लक्जरी सुविधाओं से लैस मिला परिसर
जांच टीम को मौके पर कई आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिसर मिला। इसमें कई कॉटेज, स्विमिंग पूल, किचन एवं डाइनिंग हॉल, जिम, पार्किंग शेड, कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था और अन्य निर्माण शामिल बताए गए हैं। इतने बड़े स्तर पर निर्माण होने के बावजूद लंबे समय तक संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई न होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
निर्माण अवधि और निगरानी पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य वर्ष 2022-23 के दौरान शुरू हुआ और बाद के वर्षों तक जारी रहा। इस दौरान इको-सेंसिटिव क्षेत्र में इतने बड़े निर्माण पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसे लेकर भी जांच की जा रही है। शिकायत के बाद केंद्रीय स्तर पर भी मामले की जांच कराई गई, जिसके आधार पर अब संबंधित विभागों ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
मामले की जांच जारी
वन विभाग का कहना है कि पूरे मामले की कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो वन एवं पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब सामने आने का इंतजार है।









