NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, दो बार ठुकराए गए प्रस्ताव पर तीसरी बार क्यों बदला सरकार का रुख?

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली: NEET परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पद छोड़ने का फैसला लिया। जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी उन्होंने दो बार इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन सरकार ने दोनों अवसरों पर उसे स्वीकार नहीं किया। हालांकि, तीसरी बार परिस्थितियां बदलने के बाद सरकार ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया। उनके स्थान पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

सरकार ने पहले दो बार इस्तीफा क्यों नहीं स्वीकार किया?

सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती दौर में केंद्र सरकार का मानना था कि केवल मंत्री का इस्तीफा देने से परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। सरकार चाहती थी कि शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएं और परीक्षाओं की पारदर्शिता तथा जवाबदेही को मजबूत बनाया जाए। इसी सोच के चलते धर्मेंद्र प्रधान से अपने पद पर बने रहकर सुधारों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया और उनके दोनों इस्तीफे स्वीकार नहीं किए गए।

तीसरी बार क्या बदली परिस्थितियां?

बताया जा रहा है कि छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते गए और कई स्थानों पर आंदोलन के विस्तार की संभावना जताई गई। इसी दौरान सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को महत्वपूर्ण इनपुट दिए गए। सूत्रों के अनुसार, कुछ रिपोर्टों में यह आशंका भी जताई गई कि आंदोलन के दौरान असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इन परिस्थितियों और बढ़ते राजनीतिक दबाव को देखते हुए सरकार ने इस बार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने का फैसला लिया।

छात्र आंदोलन और सरकार के बीच बातचीत का भी पड़ा असर

जानकारी के अनुसार, छात्र संगठनों और केंद्र सरकार के बीच हुई बातचीत के बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी। आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनियां मिल रही थीं, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ा। ऐसे माहौल में सरकार ने तनाव कम करने और स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए नेतृत्व स्तर पर बदलाव का निर्णय लिया। माना जा रहा है कि इसी रणनीति के तहत शिक्षा मंत्रालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई।

प्रह्लाद जोशी को मिला अतिरिक्त प्रभार

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। सरकार की ओर से उम्मीद जताई गई है कि मंत्रालय में चल रहे सुधारों की प्रक्रिया जारी रहेगी और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय तथा जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों का भरोसा बहाल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

Leave a Comment

और पढ़ें