स्पेन-फ्रांस के जंगलों में बेकाबू हुई आग, 33 लाख लोगों पर मंडराया खतरा; जानिए क्या है ‘फायर क्लाउड’ और क्यों बढ़ रही है विशेषज्ञों की चिंता

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15 दिनों से धधक रहे जंगल, लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

यूरोप के दो प्रमुख देश स्पेन और फ्रांस इन दिनों भीषण जंगल की आग से जूझ रहे हैं। पिछले लगभग 15 दिनों से लगातार जल रहे जंगलों ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। तेज गर्मी, लंबे समय से पड़े सूखे और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे दोनों देशों में करीब 33 लाख लोगों की सुरक्षा प्रभावित हुई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जबकि दमकल विभाग लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है। इसके बावजूद कई इलाकों में आग और अधिक विकराल रूप लेती जा रही है।

वन संपदा और वन्यजीवों को भारी नुकसान, जलवायु परिवर्तन को माना जा रहा बड़ी वजह

इस आग ने हजारों हेक्टेयर जंगल को अपनी चपेट में ले लिया है। कई घर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं और बड़ी संख्या में वन्यजीवों की मौत की भी आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता वैश्विक तापमान और जलवायु परिवर्तन ऐसे अग्निकांडों की तीव्रता और आवृत्ति दोनों को बढ़ा रहे हैं। दक्षिणी यूरोप में लगातार बढ़ती गर्मी और सूखे की स्थिति जंगलों को अत्यधिक ज्वलनशील बना रही है, जिससे छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है।

क्या है फायर क्लाउड और यह क्यों माना जाता है बेहद खतरनाक?

भीषण जंगल की आग के दौरान कभी-कभी आसमान में एक विशेष प्रकार का विशाल बादल बनता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में पाइरोक्यूम्यूलोनिम्बस (Pyrocumulonimbus) या फायर क्लाउड कहा जाता है। यह तब बनता है जब आग से निकलने वाली अत्यधिक गर्म हवा, धुआं, राख और जलवाष्प तेजी से ऊपर उठकर वातावरण में एक बड़े बादल का निर्माण करते हैं। यह बादल कई किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंच सकता है और दूर से देखने पर मशरूम जैसी आकृति का दिखाई देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार फायर क्लाउड केवल आग का परिणाम नहीं होता, बल्कि कई बार यह आग को और अधिक फैलाने में भी भूमिका निभा सकता है।

स्वास्थ्य, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है गंभीर असर

फायर क्लाउड और जंगल की आग से निकलने वाला घना धुआं लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण फेफड़ों तक पहुंचकर सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, लगातार खांसी और सिरदर्द जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। अस्थमा, हृदय रोग से पीड़ित लोगों, बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति अधिक जोखिम भरी मानी जाती है। इसके अलावा आग से जंगल, कृषि भूमि, सड़कें, बिजली व्यवस्था और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आग पर पूरी तरह काबू पाना और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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