बदलते वैश्विक सुरक्षा हालात और सीमाओं पर बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेना अपने हथियारों के आधुनिकीकरण पर लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में सेना ने हल्के लेकिन अत्याधुनिक मल्टीरोल रॉकेट लॉन्चर खरीदने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सेना को करीब 450 नए लॉन्चर मिल सकते हैं, जो पहाड़ी इलाकों, जंगलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में ऑपरेशन के दौरान सैनिकों की मारक क्षमता को काफी बढ़ाएंगे।
सेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी
भारतीय सेना का उद्देश्य अपने पैदल सैनिकों (इन्फैंट्री) को ऐसे आधुनिक हथियार उपलब्ध कराना है, जिनका इस्तेमाल कम समय में और कठिन परिस्थितियों में भी आसानी से किया जा सके। नियंत्रण रेखा (LoC) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) जैसे संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त और संभावित खतरों को देखते हुए हल्के लेकिन प्रभावी हथियारों की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी कारण सेना ने मल्टीरोल रॉकेट लॉन्चर खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है।
क्या हैं इस हथियार की खास खूबियां?
सेना जिन लॉन्चरों को शामिल करने की तैयारी में है, उन्हें आधुनिक और बहुउद्देश्यीय हथियार प्रणाली माना जाता है। यह कंधे पर रखकर चलाया जाने वाला हल्का हथियार है, जिसे एक सैनिक आसानी से अपने साथ लेकर तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकता है। इसका उपयोग बख्तरबंद वाहनों, टैंकों, बंकरों, मजबूत इमारतों और दुश्मन की फायरिंग पोजीशन को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।
इस हथियार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें अलग-अलग प्रकार के गोला-बारूद का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी वजह से इसे केवल एंटी-टैंक हथियार नहीं, बल्कि मल्टीरोल वेपन सिस्टम भी माना जाता है। इसका हल्का वजन और कॉम्पैक्ट डिजाइन सैनिकों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी बेहतर गतिशीलता प्रदान करता है।
दुश्मन पर कैसे होगा असर?
यदि युद्ध के दौरान दुश्मन टैंक, बख्तरबंद वाहन या किसी सुरक्षित बंकर में मौजूद हो, तो यह लॉन्चर उसे प्रभावी ढंग से निशाना बनाने में सक्षम है। इसके अलावा यदि विरोधी पहाड़, इमारत या किसी मजबूत संरचना की आड़ लेकर हमला करता है, तब भी यह हथियार विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद के जरिए जवाबी कार्रवाई करने में मदद करता है। आधुनिक युद्ध में तेजी से बदलती परिस्थितियों के बीच यह प्रणाली सैनिकों को तुरंत और सटीक प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रदान करती है।
आधुनिक युद्ध के लिए बड़ा कदम
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के युद्ध पारंपरिक मैदानों तक सीमित नहीं रहेंगे। पहाड़ी क्षेत्रों, घने जंगलों और शहरी इलाकों में छोटे लेकिन अत्यधिक प्रभावी हथियारों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इस तरह के मल्टीरोल रॉकेट लॉन्चर भारतीय सेना की ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करेंगे और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों को बेहतर सुरक्षा और मारक शक्ति प्रदान करेंगे। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इन हथियारों को चरणबद्ध तरीके से सेना की विभिन्न इकाइयों में शामिल किया जा सकता है।










