अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी नहीं टूटा अनशन
प्रसिद्ध शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद भी जारी है। जानकारी के अनुसार, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत फिलहाल स्थिर है और वे पूरी तरह होश में हैं। हालांकि, उन्होंने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है। इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने देशवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि लोग सोनम के बेहतर स्वास्थ्य और उनकी मुहिम के समर्थन में प्रार्थना करें।
डॉक्टरों ने बताया स्वास्थ्य की स्थिति
अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा किए गए शुरुआती स्वास्थ्य परीक्षण में सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन स्तर और नाड़ी सामान्य पाई गई है। मेडिकल टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है और उन्हें शरीर में पानी व इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से बचाने के लिए आवश्यक चिकित्सीय सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन लंबे समय तक जारी रहने वाला अनशन जोखिम बढ़ा सकता है।
जंतर-मंतर पर बढ़ा समर्थन, कई लोग आंदोलन में शामिल
सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद भी उनके समर्थन में प्रदर्शन जारी है। जंतर-मंतर पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के लोग आंदोलन के समर्थन में जुट रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों का समर्थन किया।
पुलिस कार्रवाई और आंदोलन पर जारी बहस
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि यह कदम उनकी इच्छा के विरुद्ध उठाया गया, जबकि प्रशासन का पक्ष है कि उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए चिकित्सकीय देखरेख जरूरी थी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद आंदोलन को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मामले पर सभी की नजर बनी रहेगी।










