देशभर में सक्रिय हुआ मानसून
देश के उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित 14 राज्यों में हल्की से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में तेज आंधी, बिजली चमकने और 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।
पहाड़ी राज्यों में रेड अलर्ट
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उत्तराखंड में कई संवेदनशील मार्गों पर मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गईं। कैलाश-मानसरोवर यात्रा से जुड़े कुछ यात्रियों को भी सुरक्षित स्थानों पर रोकना पड़ा। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
दिल्ली, यूपी और राजस्थान में कब बढ़ेगी बारिश?
दिल्ली-एनसीआर में आज छिटपुट बारिश की संभावना है, लेकिन 20 से 23 जुलाई के बीच व्यापक और तेज बारिश होने के आसार हैं। इससे उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। उत्तर प्रदेश में अगले कई दिनों तक लगातार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मध्य भारत में भी भारी वर्षा की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 22 से 24 जुलाई के बीच तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ का खतरा
बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में आज भारी बारिश की संभावना है। झारखंड और ओडिशा में अगले चार-पांच दिनों तक लगातार वर्षा हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है।
दक्षिण और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में भी बारिश
कोंकण और गोवा में लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तटीय कर्नाटक और केरल के कई हिस्सों में भी व्यापक वर्षा का अनुमान है। दूसरी ओर गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में केवल हल्की या छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है।










