भारत की सीनियर टीम जहां अपने अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में व्यस्त है, वहीं दूसरी ओर इंडिया ए टीम श्रीलंका दौरे पर दमदार प्रदर्शन कर रही है। इस दौरे के दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। हालांकि वह शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी बेहतरीन पारी ने चयनकर्ताओं का ध्यान जरूर अपनी ओर खींचा है।
94 रन की बेहतरीन पारी, लेकिन शतक से चूक गए पडिक्कल
गॉल में खेले जा रहे दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट मैच में श्रीलंका ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 366 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंडिया ए की शुरुआत अच्छी रही। शुरुआती विकेट गिरने के बाद देवदत्त पडिक्कल ने साई सुदर्शन के साथ मिलकर पारी को संभाला और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। पडिक्कल ने पूरे धैर्य और शानदार तकनीक के साथ बल्लेबाजी करते हुए 152 गेंदों में 94 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 11 शानदार चौके निकले।
एक गलत शॉट पड़ा भारी
जब ऐसा लग रहा था कि पडिक्कल आसानी से अपना शतक पूरा कर लेंगे, तभी उन्होंने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। केशरा नूवांथा की गेंद पर लगाया गया उनका शॉट सीधे पवनथा वीरासिंघे के हाथों में चला गया और वह 94 रन पर आउट हो गए। इस तरह वह अपने शतक से महज 6 रन दूर रह गए। हालांकि शतक नहीं बन पाया, लेकिन उनकी यह पारी मैच की सबसे प्रभावशाली पारियों में शामिल रही।
टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद बढ़ी
पिछले कुछ समय से देवदत्त पडिक्कल घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए के लिए लगातार रन बना रहे हैं। उनकी निरंतरता और तकनीकी बल्लेबाजी उन्हें भारतीय टीम के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। यदि वह आने वाले मुकाबलों में भी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो निकट भविष्य में उन्हें फिर से टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका मिल सकता है।
पडिक्कल की 94 रनों की यह पारी भले ही शतक में नहीं बदल सकी, लेकिन उन्होंने यह साबित कर दिया कि बड़े मंच पर लंबी और जिम्मेदारी भरी पारियां खेलने की क्षमता उनके अंदर मौजूद है। यही कारण है कि क्रिकेट प्रशंसकों के साथ-साथ चयनकर्ताओं की नजरें भी अब उनके अगले प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।










