दतिया उपचुनाव को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी द्वारा पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई। इस फैसले के विरोध में जिला स्तर के कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, जिससे प्रदेश संगठन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को भाजपा के लिए बड़ा संगठनात्मक झटका माना जा रहा है।
प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप, हाईवे पर लगा लंबा जाम
उम्मीदवार बदलने के फैसले के विरोध में बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जाम लगाकर यातायात रोक दिया, जिससे कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाजारों में भी असर देखने को मिला और कई स्थानों पर व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और रास्ता खाली करने की अपील करता रहा, लेकिन स्थिति लंबे समय तक तनावपूर्ण बनी रही।
पुलिस पर पथराव, कई अधिकारी घायल
प्रशासन के अनुसार प्रदर्शन को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। इस घटना में पुलिस अधीक्षक (SP) सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और अतिरिक्त बल की मदद से भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद धीरे-धीरे हाईवे से जाम हटाया गया और कानून-व्यवस्था बहाल करने की कार्रवाई शुरू की गई।
सियासी हलकों में बढ़ी हलचल
दतिया उपचुनाव से पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। विपक्ष जहां इसे भाजपा के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत बता रहा है, वहीं पार्टी नेतृत्व हालात को सामान्य करने और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश में जुटा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि संगठन इस विवाद को किस तरह संभालता है और इसका उपचुनाव पर क्या प्रभाव पड़ता है।










