पेपर चोरी मामले में जांच जारी, कई पहलुओं की हो रही पड़ताल
भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में बीटेक चौथे सेमेस्टर के प्रश्नपत्रों के सीलबंद लिफाफे गायब होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। घटना के बाद पुलिस और विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति अलग-अलग स्तर पर पूरे मामले की जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियां परीक्षा शाखा से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ कर रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी संभावित पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। फिलहाल मामले में किसी निष्कर्ष या आरोपी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परीक्षा नियंत्रक ने साजिश का लगाया आरोप
इस बीच परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी ने कुलगुरु को अपना विस्तृत स्पष्टीकरण सौंपते हुए दावा किया कि उन्हें पद से हटाने के उद्देश्य से यह पूरा घटनाक्रम रचा गया हो सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों के कार्यकाल में परीक्षाओं का संचालन पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया तथा इससे पहले कभी भी प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को लेकर कोई विवाद सामने नहीं आया। उनके अनुसार वर्तमान घटनाक्रम के पीछे व्यक्तिगत और प्रशासनिक स्तर की साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
डॉ. तिवारी ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि परीक्षा शाखा में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग पहले भी की गई थी, लेकिन समय रहते इस पर अमल नहीं किया गया। उनका मानना है कि यदि पर्याप्त निगरानी व्यवस्था होती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
परीक्षा नियंत्रक ने अपने स्पष्टीकरण में कुछ कर्मचारियों की संभावित भूमिका पर भी संदेह जताया है। उनका कहना है कि अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियां मिलने से कुछ लोग असंतुष्ट थे और इसी कारण उन्हें निशाना बनाया गया हो सकता है। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर रही हैं। मामले की अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।










