ऐतिहासिक धरोहर की चोरी से मचा हड़कंप
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से एक बेहद दुर्लभ और प्राचीन तोप चोरी होने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह तोप करीब 500 वर्ष पुरानी बताई जा रही है और इसका वजन लगभग 3,000 किलोग्राम है। घटना के सामने आने के बाद प्रशासन, पुलिस और पुरातत्व विभाग में हड़कंप मच गया है। इस चोरी ने ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्रेन और ट्रक के साथ पहुंचे थे बदमाश
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के लिए करीब 25 से 30 लोग रात के समय किले में पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि आरोपी अपने साथ क्रेन और ट्रक जैसी भारी मशीनें लेकर आए थे, जिनकी मदद से उन्होंने किले परिसर में रखी विशाल तोप को उठाकर वहां से ले गए। घटना से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि पूरी वारदात पहले से बनाई गई योजना के तहत अंजाम दी गई और आरोपियों को किले की संरचना व सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे कई सवाल
घटना के समय मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि बदमाश आधुनिक हथियारों से लैस थे, जबकि उनके पास केवल सामान्य सुरक्षा संसाधन थे। पर्याप्त रोशनी और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण वे बदमाशों का विरोध नहीं कर सके। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर पहले भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया। इस लापरवाही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी, तस्करी के एंगल से भी पड़ताल
विशेषज्ञों के अनुसार, चोरी हुई तोप ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस पर मौजूद विशेष नक्काशी और धातु निर्माण तकनीक इसे दुर्लभ बनाती है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और साइबर टीम भी संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे प्राचीन धरोहरों की अवैध तस्करी करने वाले किसी संगठित गिरोह का हाथ तो नहीं है।










