रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए देशभर में अपने CCTV सर्विलांस नेटवर्क का बड़े स्तर पर विस्तार किया है। इस पहल के तहत 3,215 रेलवे स्टेशनों और 13,409 यात्री कोचों में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। रेलवे का उद्देश्य आधुनिक तकनीक की मदद से अपराधों पर अंकुश लगाना, निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाना और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना है। यह अभियान रेलवे के डिजिटल और स्मार्ट सिक्योरिटी मिशन का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
AI तकनीक से होगी हर गतिविधि पर नजर
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, रेलवे के नए CCTV सिस्टम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वीडियो एनालिटिक्स से जोड़ा जा रहा है। यह तकनीक संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने, रेलवे ट्रैक या प्लेटफॉर्म पर अनधिकृत प्रवेश का पता लगाने, बिना कारण घूम रहे लोगों पर नजर रखने और प्लेटफॉर्म पर किसी यात्री के गिरने जैसी घटनाओं का तुरंत अलर्ट देने में सक्षम होगी। इससे रेलवे सुरक्षा एजेंसियों को तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों में पहले से मौजूद है CCTV कवरेज
रेलवे ने बताया कि सभी परिचालन में चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत ट्रेनों के रेक में पहले ही CCTV कैमरे लगाए जा चुके हैं। अब इस व्यवस्था को अन्य ट्रेनों और रेलवे परिसरों तक भी तेजी से विस्तारित किया जा रहा है, ताकि पूरे नेटवर्क में एक समान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। रेलवे का मानना है कि आधुनिक निगरानी प्रणाली से यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा और आपराधिक घटनाओं में कमी आएगी।
इन रेलवे जोनों में सबसे ज्यादा कैमरे
रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, CCTV से लैस स्टेशनों की संख्या के मामले में नॉर्दर्न रेलवे सबसे आगे है, जहां 425 स्टेशन इस सुविधा से जुड़े हैं। इसके बाद वेस्टर्न रेलवे में 391 और ईस्टर्न रेलवे में 271 स्टेशन शामिल हैं। वहीं यात्री कोचों में CCTV कवरेज के मामले में वेस्टर्न रेलवे 1,735 कोचों के साथ शीर्ष पर है। नॉर्दर्न रेलवे और सदर्न रेलवे भी इस सूची में प्रमुख स्थान पर हैं। रेलवे आने वाले समय में शेष स्टेशनों और कोचों में भी चरणबद्ध तरीके से आधुनिक निगरानी प्रणाली लागू करने की योजना पर काम कर रहा है।










