सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। सुरंग के भीतर अचानक हुए भूस्खलन और गैस रिसाव के कारण कई मजदूर अंदर फंस गए। राहत और बचाव अभियान पूरी रात जारी रहा, जिसके बाद सात मजदूरों के शव बरामद किए गए, जबकि अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
भूस्खलन के बाद सुरंग का रास्ता हुआ बंद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन सुरंग के भीतर अचानक चट्टानें और मिट्टी खिसकने से प्रवेश मार्ग मलबे से भर गया। इससे अंदर काम कर रहे मजदूर बाहर नहीं निकल सके। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने राहत अभियान शुरू कराया। सुरंग के भीतर सीमित जगह और कठिन परिस्थितियों के कारण बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा।
गैस रिसाव से बचाव अभियान हुआ मुश्किल
रेस्क्यू टीम को सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के भीतर मौजूद गैस के कारण झेलनी पड़ी। बचाव अभियान के दौरान कई राहतकर्मियों को सांस लेने में दिक्कत, चक्कर और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद सुरक्षा उपकरणों और विशेष गैस मास्क की मदद से टीमों को अंदर भेजा गया, ताकि फंसे लोगों तक सुरक्षित पहुंचा जा सके।
कई एजेंसियों ने मिलकर चलाया अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद अधिकांश मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में जारी है।
हादसे की जांच के आदेश
प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि सुरंग के भीतर भूस्खलन और गैस रिसाव किन परिस्थितियों में हुआ तथा सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद निर्माणाधीन सुरंगों में सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।










