अगर आप रोजाना बाइक, कार या किसी अन्य वाहन से सफर करते हैं, तो आने वाले समय में ट्रैफिक नियमों में कुछ अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने नए ट्रैफिक नियमों को लेकर एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिस पर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। इन प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है, साथ ही पहली बार अनजाने में हुई छोटी गलतियों पर वाहन चालकों को सुधार का अवसर देना भी है।
पहली बार छोटी गलती पर मिल सकती है चेतावनी
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि कोई चालक पहली बार किसी मामूली ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करता है, तो हर मामले में सीधे जुर्माना लगाने के बजाय पहले चेतावनी दी जा सकती है। सरकार का मानना है कि कई बार लोग जानकारी के अभाव या अनजाने में नियम तोड़ देते हैं। ऐसे मामलों में उन्हें पहले जागरूक करना अधिक प्रभावी हो सकता है। हालांकि, गंभीर या खतरनाक उल्लंघनों पर पहले की तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
ऑनलाइन रिकॉर्ड और दोबारा गलती पर सख्त कार्रवाई
ड्राफ्ट के मुताबिक, दी गई चेतावनी का रिकॉर्ड ऑनलाइन सिस्टम में सुरक्षित रखा जाएगा। यदि वही चालक बाद में फिर उसी तरह का ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो पहले मिली चेतावनी को ध्यान में रखते हुए जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इससे बार-बार नियम तोड़ने वालों पर निगरानी रखना आसान होगा।
लगातार उल्लंघन करने वालों पर बढ़ सकती है सख्ती
सरकार ने ऐसे चालकों के लिए भी सख्त व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है जो बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। यदि कोई व्यक्ति एक कैलेंडर वर्ष में पांच या उससे अधिक बार नियम तोड़ता है, तो उसके ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित (Suspend) या रद्द (Cancel) करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसका उद्देश्य सड़क पर अनुशासन बनाए रखना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
ई-चालान भरने और शिकायत करने की नई व्यवस्था
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, ई-चालान जारी होने के बाद वाहन मालिक को जुर्माना जमा करने के लिए 45 दिनों का समय दिया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका चालान गलत तरीके से जारी हुआ है, तो वह इसी अवधि के भीतर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकेगा। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग को निर्धारित समय के भीतर उसकी जांच कर निर्णय देना होगा, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल सके।
कोर्ट में अपील से पहले जमा करनी पड़ सकती है आधी राशि
यदि ऑनलाइन शिकायत खारिज हो जाती है और वाहन मालिक अदालत में मामला ले जाना चाहता है, तो प्रस्तावित नियमों के अनुसार उसे चालान की कुल राशि का 50 प्रतिशत पहले जमा करना पड़ सकता है। इसके बाद ही मामला न्यायालय में आगे बढ़ सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य अनावश्यक मामलों को कम करना और प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है।
समय पर चालान नहीं भरने पर हो सकती है परेशानी
ड्राफ्ट में यह भी प्रस्ताव है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर न तो जुर्माना जमा किया जाए और न ही शिकायत दर्ज कराई जाए, तो संबंधित वाहन का रिकॉर्ड ऑनलाइन सिस्टम में ब्लॉक किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में वाहन से जुड़े कई काम, जैसे टैक्स जमा करना, वाहन का ट्रांसफर या बिक्री और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं।
फिलहाल ये सभी बदलाव केवल ड्राफ्ट प्रस्ताव का हिस्सा हैं और अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुए हैं। सरकार ने इस मसौदे पर आम नागरिकों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा के बाद ही अंतिम नियम जारी किए जाएंगे। इसलिए वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और भविष्य में लागू होने वाले नए प्रावधानों पर भी नजर बनाए रखें।










